जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), सवाई माधोपुर

           सवाई माधोपुर जिला अरावली की पहाडियो के नजदीक प्राकृतिक सोन्दर्य से घिरा हुआ प्राचीन इतिहास को संजोये हुये वन्य जीवो की स्वछन्द अठखेलियो के लिये टाईगर सीटी के नाम सें मषहूर है। सवाई माधोपुर जिले में विष्व प्रसिद्ध रणथम्भौर अभ्यारण्य एवं त्रिनैत्र गणेष मन्दिर स्थित है। जिला राजस्थान के दक्षिणी पूर्वी भाग मे स्थित हैं।  सवाई माधोपुर जिले का क्षेत्र पुराने करौली राज्य तथा पुराने जयपुर राज्य की सवाई माधोपुर,गंगापुर एवं हिण्डौन निजामतो में आता था। 15 मई 1949 को सवाई माधोपुर जिला अस्तित्व में आया। उस समय डाइट की स्थापना करौली में की गई लेकीन 19 जुलाई 1997 को करौली जिला अलग कर दिये जाने के कारण स्थानिय जिले में भी जिला षिक्षा एवं प्रषिक्षण संस्थान की आवष्यकता महसूस की जाने लगी सन 2005 मे जाकर  सवाई माधोपुर जिले को जिला षिक्षा एवं प्रषिक्षण संस्थान मिला इसके लिये ठीगला गाॅव के पास जमीन का आवंटन हुआ और भवन का निर्माण किया गया। परिणाम स्वरूप 2007 मे डाइट का भव्य भवन बनकर तैयार हुआ जिसमे 2009 से डाइट के समस्त क्रिया कलाप संचालित किये जा रहे है। डाईट मे छात्राध्यापको का प्रषिक्षण सत्र 2014-15 से प्रारम्भ हुआ।

प्रारम्भ से अब तक प्रषिक्षण देने का कार्य संस्थान मे किया जा रहा है। संस्थान मे गुणात्मक वृद्धि पर विषेष बल दिया जा रहा है। संस्थान अपनी गतिविधियो को सार्थक एवं उपादेय बनाने मे कृत संकल्प है। डाइट मे विभिन्न प्रभागो के उद्देष्यो को ध्यान मे रखकर विभिन्न कार्य कराये जा रहे है।