निदेशक की कलम से

नवीन शैक्षिक सत्र में ग्रीष्मावकाष के पश्चात्  विद्यालयों के पुनः खुलने पर सभी विद्यार्थियों, सम्मानित शिक्षकों, अभिभावकों और भामाशाहों का हार्दिक अभिनन्दन।

       सम्पूर्ण राज्य में शैक्षिक उन्नयनकारी नवाचारों से शैक्षणिक गुणवत्ता का वातावरण बना है, साथ ही सम्माननीय संस्थाप्रधानों व शिक्षकों की कठिन साधना का सुफल है कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान द्वारा घोषित परीक्षा परिणामों में राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों का प्रदर्षन सर्वश्रेष्ठ रहा हैं, जिसकी समस्त शिक्षा परिवार को बधाई। नए शैक्षिक सत्र में राजकीय विद्यालयों के नामांकन में उत्साहजनक वृद्धि हुई है, जिसका श्रेय प्रवेशोत्सव के प्रथम व द्वितीय चरण के प्रभावी संचालन को जाता है। स्थानीय जनसमुदाय, विद्यालय विकास एवं प्रबन्धन समितियों शिक्षकवृन्द  के साथ शिक्षकवृंद के बेहतरीन तालमेल से राजकीय विद्यालय सही मायने में समुदाय से अपनत्व पाकर ‘अपना-विद्यालय’ बन रहे हैं, यह सम्पूर्ण शिक्षा जगत के लिए सुखद है। समस्त PEEO प्रवेशोत्सव के प्रथम व द्वितीय चरण के दौरान अपने पंचायत परिक्षेत्र में चिह्नित अनामांकित/ड्रॉप आउट बालक-बालिकाओं को उनकी आयु अनुरूप कक्षाओं में प्रवेश देकर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाना सुनिश्चित कर अपनी-अपनी  पंचायत को ड्रॉप आउट फ्री पंचायत "उजियारी पंचायत"  घोषणा के इस कार्य में व्यक्तिशः रूचि लेकर सार्थक पहल करें।

     माननीया मुख्यमंत्री महोदया के बजट अभिभाषण की पालना में राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को मिड-डे-मील में ‘अन्नपूर्णा दूध योजना’ के अन्तर्गत सप्ताह में तीन दिन दूध उपलब्ध करवाया जाना है, ‘अन्नपूर्णा दूध योजना’ छात्र-छात्राओं के पोषण से जुड़ी राज्य सरकार की महत्त्वपूर्ण योजना है इसके सफल एवं सुव्यवस्थित क्रियान्वयन व संचालन में PEEO की भूमिका महत्त्वपूर्ण है, अतः ‘अन्नपूर्णा दूध योजना सप्ताह’ के आयोजन के माध्यम से व्यापक प्रचार प्रसार कर समस्त कार्य सम्पादित करें।   

     नवीन सत्र में नव प्रवेशी बच्चों के विद्यालयों में आगमन पर माल्यार्पण, तिलकार्चन आदि से स्वागत पश्चात्प्र पाठ्य पुस्तकें प्रदान कर उत्साहवर्धन किया जाए, जिससे नवागन्तुक छात्र-छात्राओं को सहज वातावरण मिले। सत्रारम्भ से ही अपूर्व उत्साह व लगन के साथ योजनाबद्ध शिक्षण कार्य का शुभारम्भ हो, विशेषकर क्रियात्मक एवं गतिविधि आधारित षिक्षण को प्राथमिकता मिले जिससे छात्र-छात्राएँ विद्यालयों में नियमितता के साथ सुरुचिपूर्ण अध्ययन कर सकें। सत्रारम्भ में विद्यालय भवन की रंगाई पुताई, सम्पूर्ण परिसर स्वच्छ एवं हराभरा तथा छात्र-छात्राओं हेतु शुद्ध पेयजल, शौचालय सुविधा की उपलब्धता सुनिश्चित हो जिससे विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण का आदर्श वातावरण बने। 

समस्त शिक्षक विद्यालयों में विद्यार्थियों के समक्ष आचरण-व्यवहार का आदर्ष प्रस्तुत करें जो विद्यार्थियों के अनुकूल हों तथा बच्चे अनुकरण द्वारा संस्कारित हो कर श्रेष्ठ मानव बनें । जिससे विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ संस्कार केन्द्र के रूप में प्रतिष्ठापित हो सकें। 

शुभकामनाओं सहित...

                                                                                                                           नथमल डिडेल
I.A.S.
                                      निदेशक, माध्यमिक शिक्षा 
                                 राजस्थान, बीकानेर

Shivira Panchang

राजस्थान की प्रारम्भिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा के समस्त राजकीय, मान्यता प्राप्त गैर सरकारी/CBSE/CISCE से सम्बद्ध विद्यालयों/अनाथ बच्चों हेतु संचालित आवासीय विद्यालयों/विशेष प्रशिक्षण शिविरों एवं शिक्षक प्रशिक्षण विद्यालयों के लिए सत्र 2018-2019 का यह शिविरा पंचांग प्रस्तुत है। इसके अनुसार ही सत्रपर्यन्त विद्यालयी कार्यक्रम, अवकाश, परीक्षा, खेलकूद प्रतियोगिता आदि का आयोजन अनिवार्य है। 

Shivira Panchang 2018-19

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